इस्लामाबाद: पाकिस्तान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता सज्जाद हैदर ने यमन में जारी युद्ध के मानवीय प्रभावों और समुद्री सुरक्षा को लेकर चिंता जताई है। उन्होंने कहा कि पाकिस्तान यमन संकट का समाधान कूटनीति और बातचीत के जरिए चाहता है।
इस्लामाबाद में साप्ताहिक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान सज्जाद हैदर ने कहा कि यमन को लेकर पाकिस्तान का रुख स्पष्ट और सिद्धांतों पर आधारित है। पाकिस्तान क्षेत्र में शांति स्थापित करने और सभी पक्षों को बातचीत की मेज पर लाने के लिए अपने प्रयास जारी रखेगा।
उन्होंने सऊदी अरब की सुरक्षा का समर्थन करते हुए यमन की ओर से किए गए कथित उकसावे वाले हमलों पर चिंता जताई। साथ ही उन्होंने कहा कि पाकिस्तान यमन की संप्रभुता, क्षेत्रीय अखंडता और एकता का भी समर्थन करता है।
फिलिस्तीन संकट पर बात करते हुए पाकिस्तानी प्रवक्ता ने स्वतंत्र फिलिस्तीनी देश के गठन से जुड़े संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के प्रस्तावों को लागू करने की मांग की। उन्होंने यरुशलम में अपना दूतावास खोलने के कोलंबिया के कदम की निंदा की और इसे अंतरराष्ट्रीय नियमों के खिलाफ बताया।
सज्जाद हैदर ने पश्चिमी तट से फिलिस्तीनियों को जबरन बेदखल किए जाने की भी निंदा की। उन्होंने कहा कि फिलिस्तीनी लोगों के अधिकारों की रक्षा और इजरायल को जवाबदेह ठहराने के लिए संयुक्त राष्ट्र सहित अंतरराष्ट्रीय समुदाय को प्रभावी भूमिका निभानी चाहिए।
ईरान और पाकिस्तान के संबंधों तथा क्षेत्र में शांति स्थापित करने के लिए दोनों देशों के प्रयासों पर उन्होंने कहा कि पाकिस्तान शांति की कोशिशें जारी रखेगा। उन्होंने सभी संबंधित पक्षों के बीच मतभेद कम करने और उन्हें करीब लाने पर जोर दिया।
सज्जाद हैदर ने कहा कि ईरान की सरकार और जनता पाकिस्तान की शांति संबंधी कोशिशों को सकारात्मक और भाईचारे की भावना से देखती है। उन्होंने कहा कि विभिन्न अंतरराष्ट्रीय मंचों पर भी पाकिस्तान ने अपने मित्र और पड़ोसी देश ईरान का सकारात्मक और सहयोगात्मक रवैया देखा है।
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